बुधवार, 19 अक्तूबर 2011

प्यार


















प्यार - खुद में रौशनी
प्यार- खुद में पूर्ण 
न इसके पाँव में कांटे चुभते हैं 
न दर्द होता है 
न भय होता है 
न कोई फासले होते हैं .... 
नाग की तरह लहराता साया 
इसे निगल नहीं पाता 
प्यार न किसी की शाबाशी का कायल होता है
न किसी के रहम का इंतज़ार करता है 
प्यार - प्यार ही होता है 
गौर से देखो 
तुम जिसे खुदा या ईश्वर कहते हो
वह प्यार ही होता है ...

33 टिप्पणियाँ:

  1. सच है.प्यार - प्यार ही होता है .सुन्दर सरल भाव पूर्ण अभिव्यक्ति..

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  2. वाह…………क्या व्याख्या की है…………बहुत सुन्दर्।

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  3. तुम जिसे खुदा या ईश्वर कहते हो
    वह प्यार ही होता है ...
    वाह ...बहुत खूब कहा है आपने ..

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  4. नूतन जी बहुत ही प्यारी व्याख्या की आप ने प्यार की ..सच में प्यार तो प्यार ही है ..प्यार देवता प्यार ईश है ..प्यार हमारा तेरा मन .प्यारा सब है ये जब तेरे पास रहे तो ...इस श्रृष्टि का जड़ है मूल मन्त्र है
    आभार
    भ्रमर५

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  5. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ||
    मेरी बधाई स्वीकार करें ||

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  6. प्यार तो बस प्यार इसे कोई नाम ना दो , अच्छी रचना शुभकामनायें

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  7. तुम जिसे खुदा या ईश्वर कहते हो
    वह प्यार ही होता है ...

    वाह ...बहुत सुन्दर...
    सादर बधाई....

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  8. सच्चाई के साथ लिखी सुंदर रचना अच्छी पोस्ट,बधाई .....

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  9. कोमल एहसास के साथ बहुत ख़ूबसूरत रचना! शानदार प्रस्तुती!

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  10. It is normally seen that the definition of love changes with the change of age.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  11. प्यार न किसी की शाबाशी का कायल होता है
    न किसी के रहम का इंतज़ार करता है
    प्यार - प्यार ही होता है
    गौर से देखो
    तुम जिसे खुदा या ईश्वर कहते हो
    वह प्यार ही होता है ...

    बहुत खूबसुरत......हर बात सच्ची....... आपसे सहमत हूँ........काफी दिनों बाद मौन से कोई आवाज़ आई |

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  12. प्यार तो बस प्यार होता है.... गहन अभिवयक्ति.....

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  13. बेहतरीन रचना...गहन अभिवयक्ति.......।बधाई स्वीकारें.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  14. प्यार न किसी की शाबाशी का कायल होता है
    न किसी के रहम का इंतज़ार करता है
    प्यार - प्यार ही होता है
    गौर से देखो
    तुम जिसे खुदा या ईश्वर कहते हो
    वह प्यार ही होता है ...

    बहुत खूब अभिव्‍यक्ति !!

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  15. गौर से देखो
    तुम जिसे खुदा या ईश्वर कहते हो
    वह प्यार ही होता है ...

    प्रेम की सुन्दर व्याख्या .....

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  16. सही लिखा आपने...प्यार में ही भगवान का वास है।

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  17. आपको एवं आपके परिवार के सभी सदस्य को दिवाली की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  18. ओह! अदभुत और अनुपम अभिव्यक्ति है आपकी.
    सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार.

    नूतन जी ,आपके व आपके समस्त परिवार के स्वास्थ्य की
    सुख समृद्धि की मंगलकामना करता हूँ.मेरी दुआ है कि अपने सुन्दर
    सद् लेखन से आप ब्लॉग जगत को हमेशा हमेशा
    आलोकित करती रहें.

    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    मेरे ब्लॉग पर आपका इंतजार है,

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  19. बहुत अच्छी भावाभिव्यक्ति
    आपको दीपावली व नववर्ष की आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं !

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  20. आपके पोस्ट पर आना सार्थक सिद्ध हुआ । पोस्ट रोचक लगा । मेरे नए पोस्ट पर आपका आमंत्रण है । धन्यवाद ।

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  21. प्यार की सुंदर निष्कपट परिभाषा !!!
    मेरे ब्लॉग्स पर आपका इंतजार है ...

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  22. नववर्ष की आपको बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ.

    मेरे ब्लॉग पर आईयेगा,नूतन जी.

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  23. प्यार को कितनी खूबसूरती और समग्रता के साथ परिभाषित किया है आपने इस रचना में.
    शुभकामनायें !

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं